Saturday, February 19, 2011


किसी से कोई नाता या तो हम जोड़ा नहीं करते.
मिला लें हाथ तो उम्र भर छोड़ा नहीं करते..
ग़र हम फैसला कर लें कहीं से कूच करने का.
तो महारों को वापिस कभी मोड़ा नहीं करते..
हमें मालूम है आख़िर में जीत अपनी होनी है.
सो हम वक़्ती-सिकस्तों पे दिल थोड़ा नहीं करते..
और "मग़रूर" जो कहती है तो कहती रहे दुनियां.
हम मुड के किसी शख्स को देखा नहीं करते||

Friday, February 18, 2011

तेरी दोस्ती को पलकों पर सजायेंगे हम
जब तक जिन्दगी है तब तक हर रस्म निभाएंगे
आपको मनाने के लिए हम भगवान् के पास जायेंगे
जब तक दुआ पूरी न होगी तब तक वापस नहीं आयेंगे
हर आरजू हमेशा अधूरी नहीं होती है
दोस्ती मै कभी दुरी नहीं होती है
जिनकी जिन्दगी मै हो आप जैसा दोस्त
उनको किसी की दोस्ती की जरुरत नहीं पड़ती है
किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा
काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा
किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा
देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा
और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा
कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा
अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है.....

Wednesday, February 16, 2011

एक लब्ज मैं क्या तरीफ करूं आपकी अप लाब्जों मैं कैसे समां पाओगे ,
बस इतना जन लो की जब लोग दोस्ती के बारे मैं पूछेंगे,
तो मेरी आँखों से सिर्फ तुम नजर आओगे !

वादियों से चाँद निकल आया है,
फीजाओं मैं नया रंग छाया हैं ,
आप हो की खामोस बेठे हैं ,
अब तो मुस्कराओ क्यूंकि एक बार फिर हमारा स्क्रैप आया है.

कल फुरसत न मिली तो क्या होगा
इतनी मोहलत न होगी तो क्या होगा ,
रोज तुम्हारा स्क्रैप की इंतज़ार करता हूँ
कल आँखें न रहे तो क्या होगा.

उस दिल से प्यार करो जो तुम्हे दर्द दे.
पर उस दिल को कभी दर्द न दो जो तुम्हे प्यार करे .
क्यूंकि तुम दुनिया के लिए कोई एक हो ,
पर किसी एक के लिए साड़ी दुनिया हो.

फूल से किसी ने पूछा तुने खुशबू दी तुझे क्या मिला
फूल ने कहा लेना और देना तो व्यापर है
जो दे कर कुछ न मांगे वो प्यार है.

किसी एक से करो प्यार इतना की किसी और से प्यार करने की गुन्जाय्स न रहे,
वो मुस्करा के देखे कर एक बार
तो जिंदगी से फिर कोई खवास न रहे.

Wednesday, December 8, 2010

आँसू मैं ना ढूँदना हूमें,
दिल मैं हम बस जाएँगे,
तमन्ना हो अगर मिलने की,
तो बंद आँखों मैं नज़र आएँगे.
लम्हा लम्हा वक़्त गुज़ेर जाएँगा,
चँद लम्हो मैं दामन छूट जाएगा,
आज वक़्त है दो बातें कर लो हमसे,
कल क्या पता कौन आपके ज़िंदगी मैं आ जाएगा.
पास आकर सभी दूर चले जाते हैं,
हम अकेले थे अकेले ही रेह जाते हैं,
दिल का दर्द किससे दिखाए,
मरहम लगाने वेल ही ज़ख़्म दे जाते हैं,
वक़्त तो हूमें भुला चुका है,
मुक़द्दर भी ना भुला दे,
दोस्ती दिल से हम इसीलिए नहीं करते,
क्यू के डरते हैं,कोई फिर से ना रुला दे,
ज़िंदगी मैं हमेशा नये लोग मिलेंगे,
कहीं ज़ियादा तो कहीं काम मिलेंगे,
ऐतबार ज़रा सोच कर करना,
मुमकिन नही हैर जगह तुम्हे हम मिलेंगे.
ख़ुशबो की तरह आपके पास बिखर जाएँगे,
सुकों बन कर दिल मे उतर जाएँगे,
मेहसूस करने की कोशिश तो कीजिए,
दूर होते हो भी पास नेज़र आएँ

Tuesday, December 7, 2010

मासूम शायर

मैं झुका था क्यों कि तुम्हारा मूल्य बहुत अधिक था |
ये आज सोचता हूँ कितना?
मंदिर में रखी चाँदी की प्रतिमा जितना,
पर मैं इतना झुका कि मेरा ही मूल्य खो गया |
तुम चाँदी से सोने की हो गईं, मैं मिट्टी का हो गया |
मेरा न सम्मान न मूल्य बाक़ी था,
अपने आप को देखता तो नज़र झुक जाती थी,
जैसे निरुद्देश्य ज़िन्दगी जिए जा रही हो |
जब भी किसी ने भी जल चढ़ाया,
तुम सोने की थीं और निखर गईं मैं मिट्टी का था घुल गया |
तब मैं किसी को भी नहीं दिखता था,
मंदिर आते जाते हर इंसान के पैरों से लिपटता था,
अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जो खो दिया वो फिर से पाने के लिए |

Monday, November 29, 2010

ख़्वाहिश...

आसमा से उपर....
एक
उड़ान की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ
हो हर क़दम सितारो पर....
उस
ज़मीन की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ
पहचान हो लहू की हर एक बूँद की....
उस
नाम की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ
खुदा भी आके मुझसे पूछे.....
"बता, क्या लिखू तेरे मुक्क़दर मे....?"
उस
मुकाम की ख़्वाहिश है..!!

Sunday, November 28, 2010

दोस्त

हर नज़र को एक नज़र की तलाश है,
हर चहरे मे कुछ तोह एह्साह है,
आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे,
क्या करे हमारी पसंद ही कुछ "ख़ास" है. .
चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता,
तोह चाँद की चाहत किसे होती.
कट सकती अगर अकेले जिन्दगी,
तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती.
कभी किसी से जीकर ऐ जुदाई मत करना,
इस दोस्त से कभी रुसवाई मत करना,
जब दिल उब जाए हमसे तोह बता देना,
न बताकर बेवफाई मत करना.
दोस्ती सची हो तो वक्त रुक जता है
अस्मा लाख ऊँचा हो मगर झुक जता है
दोस्ती मे दुनिया लाख बने रुकावट,
अगर दोस्त सचा हो तो खुदा भी झुक जता है.
दोस्ती वो एहसास है जो मिटती नही.
दोस्ती पर्वत है वोह, जोह झुकता नही,
इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे,
यह वो "अनमोल" मोटी है जो बिकता नही . . .
सची है दोस्ती आजमा के देखो..
करके यकीं मुझपर मेरे पास आके देखो,
बदलता नही कभी सोना अपना रंग ,
चाहे जितनी बार आग मे जला के देखो .....

Saturday, November 27, 2010

EnGiNeeR...!!!

ना back की परवाह ,
ना subjects सारे clear हैं
यारों हम engineer हैं 

ना job की tension ,
ना future का कोई fear हैं
यारों हम engineer हैं

हाथ में किताबों की जगह ,

table पर beer हैं
यारों हम engineer हैं

c++,java नहीं 

chating अपना career हैं
यारों हम engineer हैं

late nite studies नहीं ,

late night premier हैं
यारों हम engineer हैं

यहाँ कोई einstein नहीं,

यहाँ पर सब shakespeer हैं
यारों हम engineer हैं
 

हम रहे भले चंगे ,
चाहे देश की हालत severe हैं
यारों हम engineer हैं
 

माँ ने सोचा था ,
मेरा बेटा engineer बनेगा
ले माँ तेरा बेटा आज engineer हैं
dedicated to all engineers.........................

Friday, November 26, 2010

दोस्तो से है

खुशी भी दोस्तो से है,
गम भी दोस्तो से है,

तकरार भी दोस्तो से है,
प्यार भी दोस्तो से है,

रुठना भी दोस्तो से है,
मनाना भी दोस्तो से है,

बात भी दोस्तो से है,
मिसाल भी दोस्तो से है,

नशा भी दोस्तो से है,
शाम भी दोस्तो से है,

जिन्दगी की शुरुआत भी दोस्तो से है,
जिन्दगी मे मुलाकात भी दोस्तो से है,

मौहब्बत भी दोस्तो से है,
इनायत भी दोस्तो से है,

काम भी दोस्तो से है,
नाम भी दोस्तो से है,

ख्याल भी दोस्तो से है,
अरमान भी दोस्तो से है,

ख्वाब भी दोस्तो से है,
माहौल भी दोस्तो से है,

यादे भी दोस्तो से है,
मुलाकाते भी दोस्तो से है,

सपने भी दोस्तो से है,
अपने भी दोस्तो से है,

या यूं कहो यारो,
अपनी तो दुनिया ही दोस्तो से है

Thursday, November 25, 2010

क्या लिखूँ...!!!

कुछ जीत लिखू या हार लिखूँ
या दिल का सारा प्यार लिखूँ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
॰॰॰
कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखू या सापनो की सौगात लिखूँ ॰॰॰॰॰॰
मै खिलता सुरज आज लिखू या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ ॰॰॰॰॰॰
वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सान्स लिखूँ
वो पल मे बीते साल लिखू या सादियो लम्बी रात लिखूँ
मै तुमको अपने पास लिखू या दूरी का ऐहसास लिखूँ
मै अन्धे के दिन मै झाँकू या आँन्खो की मै रात लिखूँ
मीरा की पायल को सुन लुँ या गौतम की मुस्कान लिखूँ
बचपन मे बच्चौ से खेलूँ या जीवन की ढलती शाम लिखूँ
सागर सा गहरा हो जाॐ या अम्बर का विस्तार लिखूँ
वो पहली -पाहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ
सावन कि बारिश मेँ भीगूँ या आन्खो की मै बरसात लिखूँ
गीता का अॅजुन हो जाॐ या लकां रावन राम लिखूँ॰॰॰॰॰
मै हिन्दू मुस्लिम हो जाॐ या बेबस ईन्सान लिखूँ॰॰॰॰॰
मै ऎक ही मजहब को जी लुँ ॰॰॰या मजहब की आन्खे चार लिखूँ॰॰॰

कुछ जीत लिखू या हार लिखूँ
या दिल का सारा प्यार लिखूँ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰